चल सकती हैं ब्रैंडेड ट्रेनें
(India)
भारतीय रेलवे की फाइनैंशल हालत सुधारने के लिए यह कमिटी बनाई गई है। यह कमिटी पूर्व फाइनैंशल सेक्रेटरी डी. के. मित्तल की अगुवाई में बनाई गई थी। इसकी सिफारिशों के मुताबिक, कॉरपोरेट हाउस ब्रैंड ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों की इजाजत के लिए पॉलिसी बनाई जानी चाहिए । अगर इसकी बात मानी गई हो सकता है कि किसी स्टेशन का नाम अमूल शताब्दी रेलवे स्टेशन हो जाए। मामले से वाकिफ एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, हम सिफारिशों पर गौर कर रहे हैं और इनमे से कुछ सिफारिशें रेल बजट का हिस्सा हो सकती हैं। कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कॉरपोरेट ब्रैंडिंग अभियान और दूसरे कदमों के जरिये रेलवे तकरीबन 8,000 करोड़ रुपये जुटा सकता है। मित्तल ने बताया, श्यह एक्शन प्लान बनाने का मकसद कम से कम समय में रेलवे की फाइनैंशल सेहत सुधारना है। कमिटी का कहना है कि इसके लिए निश्चित समयसीमा के भीतर प्लान बनाने की जरूरत है और इस मकसद के लिए 200 स्टेशनों की पहचान की जानी चाहिए।

Digital Desk: Kamal

DISCLAIMER:

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।