(India)
सरकार का इरादा इसके जरिये निवेशकों, उच्च संपदा वाले लोगों और अन्य के बीच विनिवेश कार्यक्रम के प्रति उत्साह बढ़ाने का है। वित्त मंत्रालय के तहत विनिवेश विभाग इस कार्य के लिए किसी विज्ञापन या जनसंपर्क (पीआर) एजेंसी की नियुक्ति करेगा। विनिवेश विभाग ने कहा कि यह एजेंसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी की बिक्री आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ), अनुवर्ती सार्वजनिक निगमों (एफपीओ) तथा बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये करने के लिए विज्ञापन व पीआर का काम करेगी। प्रिंट और टीवी के अलावा एजेंसी विनिवेश के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करेगी। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर विनिवेश के बारे में जागरूक करने के लिए एजेंसी टेक्स्ट और वॉयस सेवाओं का इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा वह न्यूज फीड, ब्लाग व चैट शोज के जरिये भी पीआर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। विनिवेश विभाग का लक्ष्य घरेलू संस्थागत निवेशक, विदेशी संस्थागत निवेशक, खुदरा निवेशक, उच्च संपदा वाले व्यक्ति, नीति निर्माता, विश्लेषक व ब्रोकिंग समुदाय हैं। वर्ष 2015 में सरकार अपने 50,000 करोड़ रुपये के शेयरों को बिक्री के लिए पेश कर सकती है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी के अलावा कुछ निजी क्षेत्र की इकाइयों में शेष हिस्सेदारी की बिक्री शामिल है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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