(India)
सूत्रों ने बताया कि उर्वरक मंत्रालय अगस्त, 2014 से घरेलू यूरिया विनिर्माताओं को भुगतान नहीं कर सका क्योंकि बजट में आवंटित राशि खत्म हो गई। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने पूरक अनुदान में देश में उत्पादित यूरिया के लिए अतिरिक्त कोष को आवंटन नहीं किया। एक सूत्र ने कहा, ‘उर्वरक मंत्रालय ने लंबित सब्सिडी बिल के भुगतान के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपये की राशि मांगी है।’ सरकार ने 2014-15 के आम बजट में उर्वरक सब्सिडी के लिए 72,970.30 करोड़ रुपए का आवंटन किया था,,,इस राशि में से 12,300 करोड़ रुपये यूरिया आयातित, 36,000 करोड़ रुपये घरेलू यूरिया और शेष 24,670.30 करोड़ रुपये आंशिक तौर पर नियंत्रण मुक्त उर्वरकों (फास्फेट और पोटाश आधारित उर्वरक) की बिक्री के लिए नियत किए गए थे। किसानों को यूरिया 5,360 रुपये प्रति टन के सुनिश्चित सब्सिडीशुदा अधिकतम खुदरा मूल्य पर दिया जाता है। उत्पादन लागत और यूरिया के अधिकतम खुदरा मूल्य के बीच का अंतर विनिर्माताओं को सब्सिडी के तौर पर दिया जाता है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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