रेल बजट में इस बार नहीं होंगी लोकलुभावन घोषणाएं
(India)
रेलवे की माली हाली सुधारने के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपने आगामी बजट में लोक-लुभावन घोषणाओं की जगह सुविधाओं पर जोर दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार अपने दूसरे रेल बजट 2015-16 में लोक-लुभावन घोषणाओं से दूरी बनाएगी और उसका जोर यात्रियों की सुख-सुविधाओं को बेहतर बनाने पर होगा। रेल मंत्रालय का प्रभार संभालने के दो महीनों के भीतर सुरेश प्रभु ने बजट को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। प्रभु ने रेलवे की माली हालत सुधारने, पारदर्शिता लाने, राजस्व बढ़ाने और भारतीय रेल को नए सिरे से संवारने के लिए सात समितियों का गठन किया है समझा जा रहा है कि इन समितियों के सुझावों के अनुरूप इस बार का रेल बजट होगा। सूत्रों के मुताबिक बजट में रेल मंत्री नई घोषणाएं करने से बचेंगे और उनका जोर पहले घोषित की गई परियोजनाओं को पूरा करने पर होगा.. हालांकि, बजट की समस्या इस बार भी बनी रहेगी.. रेल मंत्री ने आगामी बजट के लिए फिक्की, एसोचैम, सीआईआई और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं।

Digital Desk: Kamal

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