(India)
इस हड़ताल से देश में बिजली संकट गहराने की आशंका है। गौर हो कि कोयला उद्योग के करीब पांच लाख कर्मचारी मंगलवार से पांच दिन की हड़ताल पर चले गए जिससे 75 प्रतिशत कोयला उत्पादन ठप हो गया। इससे कोल इंडिया भी प्रभावित हुई है और बिजली संयंत्रों को ईंधन आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल जो कोयला मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे हैं, ने संकेत दिया कि वह बुधवार को यूनियन के नेताओं से मुलाकात करेंगे। हड़ताल के पहले दिन 15 लाख टन के दैनिक उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित रहा जबकि गतिरोध बरकरार रहने की स्थिति में करीब 100 बिजली संयंत्रों को ईंधन की आपूर्ति बाधित रह सकती है। श्रमिक संगठनों ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों समेत पांच लाख कामगारों ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया है। भारतीय राष्ट्रीय खनन मजदूर संघ (इंटक) के महासचिव एसक्यू ज़मा ने कहा कि हम एकजुट हैं और हमने अपनी हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रखी है। उन्होंने कहा कि हम 10 जनवरी तक हड़ताल जारी रखेंगे। मजदूर संगठनों की कल कोयला सचिव अनिल स्वरूप से हुई वार्ता असफल रही, हालांकि उन्होंने कोयला एवं बिजली मंत्री पीयूष गोयल या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत का विकल्प खुला रखा है
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।