(India)
विश्व बैंक ने वैश्विक आर्थिक संभावनाओं के नवीनतम अंक में कहा है कि विशेष तौर पर प्रमुख तेल आयातक देशों को इसका फायदा मिलेगा लेकिन सामान्यत: विकासशील देश भी इससे लाभान्वित होंगे। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2015 में तेल मूल्यों की नरमी और गहरायेगी। वर्ष के दौरान उल्लेखनीय स्तर पर वास्तविक आय तेल निर्यातक देशों से निकलकर तेल आयातक देशों की तरफ जाने लगेगी। विश्व बैंक द्वारा जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कई तेल आयातक देशों के लिये कच्चे तेल के दाम घटने का बड़ा मतलब है। इससे उन देशों में मंहगाई पर दबाव कम होगा, बाह्य और राजकोषीय खाते का घाटा भी कम होगा जिससे आर्थिक वृद्धि बढ़ाने में मदद मिलेगी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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