‘मेक इन इंडिया’ परियोजना को बढ़ावा देने और 7-8 फीसदी विकास दर हासिल करने के लिए आने वाले पांच सालों के दौरान भारत को अपनी सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में 26 हजार अरब रुपये की आवश्यकता होगी। एक शोध पत्र में गुरुवार को यह जानकारी सामने आई। इस शोध पत्र को उद्योग संघ पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं उद्योग और क्रिसिल रेटिंग ने जारी किया है। पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष आलोक बी. श्रीराम ने कहा, ढांचागत परियोजनाओं के लिए जरूरी 26 हजार अरब रुपये की 80 फीसदी राशि की जरूरत बिजली, सड़क और शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए होगी।
Digital Desk: Kamal
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