बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री बेसल-3 नियमों के लिये पर्याप्त नहीं: आरबीआई
(India) रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर आर. गांधी ने बंगाल उद्योग मंडल की बैठक में कहा ‘‘हाल ही में यह रिपोर्ट आई है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 52 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है.’’ गांधी ने कहा ‘‘यह राशि बेसल-3 मानदंडों के तहत पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद पर्याप्त न हो क्योंकि ये अनुमान न्यूनतम आवश्यकता पर आधारित हैं.’’ उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अगले पांच साल में पूंजी जुटाने की स्पष्ट योजना तैयार करनी होगी, गांधी ने कहा ‘‘उन्हें (बैंकों को) बिना-मताधिकार वाली शेयर पूंजी, अलग तरह के मताधिकार वाली पूंजी और विशेष मताधिकार (गोल्डन वोटिंग राइट) वाली शेयर पूंजी जैसे विभिन्न विकल्पों पर सक्रियता से विचार करना चाहिए.’’ बैंकों को टीयर-एक पूंजी के तहत लगभग 4.50 लाख करोड़ रूपए की जरूरत होगी जिसमें से बैंकों को 2.40 लाख करोड़ रूपए की शेयर पूंजी की जरूरत होगी, गांधी ने कहा कि बैंकों को टीयर-दो पूंजी जुटाने के लिये दीर्घकालिक बॉंड जारी करने चाहिये

Digital Desk: Shiv Kishor

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