(India)
इस मामले में अभियुक्त के रूप में तलब किए उद्योगपति सुनील भारती मित्तल और रवि रूइया को अब अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं होगी क्यों कि वे अपने खिलाफ जारी सम्मन खारिज कराने में कामयाब हो गए है। उच्चतम न्यायालय के 26 अप्रैल 2013 के एक अंतरिम आदेश के बाद से इस मामले में सुनवाई एक तरह से रुक सी गयी थी। भारती सेल्यूलर लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मित्तल तथा एस्सार समूह के प्रवर्तक रूइया ने अपने खिलाफ सुनवाई अदालत के सम्मन को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी और न्यायायल ने इस मामले में उनके खिलाफ अगले आदेश तक सुनवाई पर रोक लगा दी थी। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मित्तल और रूइया के नाम सम्मन जारी करने के निचली अदालत के आदेश को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि इस मामले में कंपनी के साथ शेयरधाकर, निदेशक या प्रबंधक की अभिन्नता के सिद्धांत का अदालत द्वारा गलत ढंग से प्रयोग किया गया।
Digital Desk: Shiv Kishor
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