थोक महंगाई दर लगातार दूसरे महीने शून्य के करीब
(India)
ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से थोक महंगाई दर लगातार दूसरे महीने शून्य प्रतिशत के आसपास रही। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की यह दर दिसंबर में 0.11 प्रतिशत रही, जो नवंबर में शून्य फीसद थी। महंगाई नीचे आने से सस्ते कर्ज के लिए माहौल बन गया है। रिजर्व बैंक तीन फरवरी को मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा करेगा। ऐसे में ब्याज दरों में कटौती को लेकर उद्योग जगत की मांग और मुखर हो गई है। थोक महंगाई की दर दिसंबर, 2013 में 6.4 प्रतिशत थी। पिछले छह महीने में यह पहली बार है कि महंगाई में बेहद मामूली वृद्धि हुई है। इससे पहले महंगाई में लगातार गिरावट आ रही थी। महंगाई में यह मामूली वृद्धि खाद्य वस्तुओं के मूल्य बढ़ने की वजह से आई है। दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति दर 5.2 प्रतिशत रही, जो बीते पांच माह का उच्चतम स्तर है। दलहन, सब्जियों और फलों की महंगाई थोड़ी बढ़ी, जबकि गेहूं, दूध और अन्य प्रोटीन उत्पादों जैसे- अंडा, मीट और मछली के थोक दामों में गिरावट आई।

Digital Desk: Kamal

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