दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचे जाने के फैसले के एक दिन बाद गुरुवार को कंपनी से संबद्घ कुछ ट्रेड यूनियन ने कहा कि वे इस पहल का विरोध कर रही हैं। इसके खिलाफ हडताल तक किया जा सकता है। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), के बैजनाथ राय ने कहा, हम सरकारी पहल का विरोध करते हैं। हम हडताल पर जा सकते हैं। हम पहले ही विरोध, प्रदर्शन और रैली आदि शुरू कर चुके हैं। राय ने कहा कि बीएमएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अगले महीने की शुरु में भोपाल में होने वाली है। उसमें इस बात का निर्णय लिया जाएगा कि सरकार को कैसे जवाब दिया जाए। एचएमएस से संबद्घ हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष एन. पांडे ने कहा कि वे सरकार के फैसले का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा, यह बर्दाश्त से बाहर है। सरकार को इस तरह के फैसले से पहले हमसे संपर्क करना चाहिए था।
Digital Desk: Kamal
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