भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष के दौरान 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आर्थिक वृद्धि की गणना पद्धति और आधार वर्ष में बदलाव के बाद जारी इन अनुमानों ने वृद्धि दर के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। नई गणना के आधार पर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के आर्थिक वृद्धि आंकड़े भी आज जारी किए गए। अक्तूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान आर्थिक वृद्धि 7.5 प्रतिशत रही। इन आंकड़ों को देखते हुए अब यह अटकलें लगाई जा रहा है कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत क्या वर्ष 2010-11 के बाद अपनी सबसे तेज वृद्धि हासिल करेगी। वर्ष 2010-11 में भारत की वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत थी। वर्ष 2010-11 में जहां सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गणना साधन लागत के आधार पर की गई थी। इसे अब बदलकर अब स्थिर मूल्यों के आधार पर किया गया है, जिसमें वस्तुओं एवं सेवाओं में सकल मूल्य वर्धन को शामिल किया गया है। इसके साथ ही आधार वर्ष को 2004-05 से बदलकर 2011-12 कर दिया गया है।
Digital Desk: Kamal
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