सरकार के कोल ब्लॉक ऑक्शन प्रोग्राम को झटका लग सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को कहा है कि वो जेएसपीएल को आवंटित 2 कोल ब्लॉक की नीलामी नहीं करे। साथ ही इन 2 कोल ब्लॉक से निकलने वाले कोयले का इस्तेमाल कैसे हो, इस बारे में सरकार के फैसले पर भी रोक लगा दी है। इस फैसले से ऐसे ही मामले में कोर्ट का रुख कर चुकी भूषण स्टील और दूसरी कंपनियों को भी राहत मिल सकती है।दरअसल, जेएसपीएल ने सरकारी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। जेएसपीएल की दलील थी कि सरकार को कोयले के इस्तेमाल के तरीके तय करने का कोई हक नहीं है, और इस फैसले से कंपनी को 19000 करोड़ रुपए के निवेश का नुकसान होगा। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने सधी प्रतिक्रिया दी है। बिजली मंत्री के मुताबिक कोयले के इस्तेमाल पर कोल ब्लॉक की समीक्षा टेक्निकल कमिटी करेगी। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश से कोल ब्लॉक ई-ऑक्शन में देरी नहीं होगी। बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने तल्ख लहजे में ये भी कहा है कि सरकार निजी कंपनियों की मदद करना चाहती है लेकिन अगर कोल ब्लॉक ऑक्शन में अड़चन आती है तो सरकार को मजबूरी में नेशनलाइजेशन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
Digital Desk: Kamal
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