(India)
सरकारी बैंकों की कर्मचारी यूनियनों ने 25 फरवरी से चार दिन की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यदि वेतनवृद्धि के साथ अन्य मांगें तत्काल न मानी गईं तो 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को कहा है। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से देश भर में सरकारी बैंकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूनियनों ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आइबीए) के मौजूदा ऑफर को अस्वीकार कर दिया है। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयीज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने बताया कि प्रबंधन ने 13 फीसद वेतनवृद्धि की पेशकश की है, जो कतई स्वीकार नहीं है। यूनियनें महसूस करती हैं कि यह प्रस्ताव अपर्याप्त और असंतोषजनक है। खासतौर से तब जब हाल के वर्षो में महंगाई की दर में इजाफा हुआ है और काम का भार कई गुना बढ़ गया है। बैंकिंग उद्योग में पूरा कार्यबल जन धन योजना समेत सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए पुरजोर कोशिश में जुटा है। ऐसे समय में मामले में सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और आइबीए के ढुलमुल रवैये को देखते हुए ही बैंक यूनियनें दोबारा हड़ताल का आह्वान करने के लिए मजबूर हुई हैं। मामले में बीच-बचाव के लिए मुख्य श्रम आयुक्त ने नई दिल्ली में 20 फरवरी को बैठक बुलाई है। यूनियनों ने कहा कि यदि आइबीए और सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया तो वे वेतनवृद्धि के स्वीकार्य स्तर को निकालने में प्रयास करेंगी।
Digital Desk: Kamal
CORRECTION:
2015-02-15 11:50:16
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