कॉरपोरेट जासूसी कांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इस प्रकरण की चल रही सीबीआइ जांच में अब पता चला है कि वित्त मंत्रालय से लीक हुए गोपनीय दस्तावेजों में विवादास्पद जेट-एतिहाद सौदे से जुड़ी प्रायरूसभी अहम फाइलें भी शामिल थीं। जांच एजेंसी को इस मामले में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआइपीबी) के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका के पुख्ता सुबूत मिले हैं। जांच में शामिल अधिकारियों का दावा है कि एफआइपीबी के अफसरों ने ही जेट-एतिहाद करार से संबंधित गोपनीय दस्तावेज बिचैलियों को बेचे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कॉरपोरेट जासूसी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ व जांच एजेंसी के पास उपलब्ध फोन काल्स से उपरोक्त सच्चाई उजागर हुई। सीबीआइ को पता चला है कि 2058 करोड़ रुपये के जेट-एतिहाद सौदे की फाइलें प्रस्ताव के स्तर से लेकर मंजूरी के अंतिम चरण तक लगातार लीक हुई हैं। गौरतलब है कि विमानन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 फीसद किए जाने के बाद ही जेट एयरवेज व अबूधाबी स्थित एतिहाद एयरवेज के बीच करार को 2013 में अंतिम मंजूरी मिली थी। जांच एजेंसी के अनुसार, सौदे से जुड़ी फाइलें हर स्तर पर वित्त मंत्रालय के एफआइपीबी से लीक होती रहीं। मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की अति गोपनीय फाइल नोटिंग भी लीक कर दी गई।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।