केंद्र सरकार ने गंभीर रूप से बीमार सार्वजनिक क्षेत्र की सात और यूनिटों को बंद करने की मंजूरी दे दी है। एक समय देश की सबसे लोकप्रिय घड़ी निर्माता रही एचएमटी वॉचेस भी इनमें शामिल है। इन सातों सार्वजनिक उपक्रमों यानी पीएसयू को कुल घाटा 3,139 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो चुका है। भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम राज्य मंत्री जीएम सिद्धेश्वरा ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। सिद्धेश्वरा ने कहा कि सरकार ने कुल 55 सार्वजनिक उपक्रमों की छानबीन और समीक्षा की है। इनमें से 46 यूनिटों के पुनरोद्धार या पुनर्गठन और नौ को बंद करने का अनुमोदन किया जा चुका है। बंद होने जा रही यूनिटों में एचएमटी चिनार वॉचेस, एचएमटी बियरिंग्स, तुंगभद्रा स्टील प्रोडक्ट्स, हिन्दुस्तान फोटो फिल्म्स मैन्यूफैक्चरिंग, हिन्दुस्तान केबल्स और स्पाइस ट्रेडिंग कॉरपोरेशन शामिल हैं।
Digital Desk: Kamal
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