आईटी मिनस्टर रविशंकर प्रसाद ने इन अटकलों को खारिज किया कि स्पैक्ट्रम की नीलामी के बाद मोबाइल फोन की काल दरें महंगी हो जाएंगी। प्रसाद ने एक आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि स्पैक्ट्रम खरीद पर हुए व्यय के बाद कंपनियों की कॉल लागत में प्रति मिनट महज 1.3 पैंसे की ही अतिरिक्त लागत आ रही है। लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि कंपनियां जनहित में यह लागत खुद वहन करेंगी और जनता पर इसका बोझ नहीं डालेंगी। उन्होंने ने कहा कि प्रेस कांफ्रेस में स्पैक्ट्रम की बिक्री और इससे हुई आया का ब्यौरा दिया। साथ ही उन्होंने यूपीए सरकार की स्पैक्ट्रम नीलामी में जीरो लॉस की थ्योरी पर भी सवाल उठाया। प्रसाद ने कहा कि जो राजनीतिक इच्छाशक्ति एनडीए सरकार ने दिखाई, वह यूपीए सरकार नहीं दिखा पाई। इस शानदार नीलामी के बाद यह बात उड़ाई जा रही है कि इससे कॉल दरें बढ़ जाएंगी। यह सही नहीं है। प्रसाद ने इसके समर्थन में एक आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि कंपनियों ने एक लाख 20 हजार करोड़ 20 सालों के लिए स्पैक्ट्रम मूल्य के बदले चुकाए हैं। यदि प्रतिवर्ष का आंकड़ा देखें तो यह राशि पांच हजार 300 करोड़ बनती है।
Digital Desk: Kamal
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