नीतिगत अड़चनें और नौकरशाही निवेश की राह में अब भी सबसे बड़ी बाधा हैं। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) ने इन्हें भारत के लिए जमीनी चुनौती करार दिया है। भारत के हालात अलग हैं। यहां कॉरपोरेट आय करीब-करीब स्थिर हो गई है, लेकिन डेट मार्केट में तेजी बनी हुई और निवेश ठंडा पड़ता जा रहा है। रेटिंग एजेंसी ने कहा, सरकारी नीतियों के मामले में आ रही दिक्कतों और नौकरशाही संबंधी परेशानियों की वजह से निवेश बाधित हुआ है। अब चुनौती मौजूदा संपत्तियों से संभावित आय के दोहन की है।श् चुनौतीयों के बीच उम्मीद एसएंडपी ने हफ्ते भर पहले ही कहा था कि राजकोषीय कमजोरी की वजह से भारत की क्रेडिट प्रोफाइल पर दबाव बना हुआ है। इस एजेंसी ने भारत के लिए आउटलुक स्थिर रखते हुए इसे श्बीबीबी-श् रेटिंग दी हुई है, जो जंक ग्रेड (कबाड़) से थोड़ा ही ऊपर है। एक दूसरी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने आउटलुक बढ़ाकर सकारात्मक करते हुए कहा है कि अगले एक-डेढ़ साल में रेटिंग बढ़ाई जा सकती है।
Digital Desk: Kamal
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