श्रम मंत्रालय ने एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड आर्गनाइजेशन (ईपीएफओ) से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं जो खाता धारकों के साथ-साथ संगठन के हित में भी है। अब श्रम मंत्रालय ने क्लेम निपटारे की अवधि 30 दिनों से घटाकर 20 दिन कर दी है। इसके अलावा जो 27,000 करोड़ रुपये बगैर क्लेम के पड़े हैं, उसे भी केंद्र सरकार से बंद करने की सिफारिश की जायेगी। इसके अलावा ईपीएफओ का पैसा बाजार में निवेश करने का निर्णय भी ले लिया गया है। ईपीएफओ कमिश्नर केके जालान ने बताया, श्रम मंत्री ने ईपीएफओ कार्पस के 5 प्रतिशत को ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) रूट से बाजार में लगाने की मंजूरी दे दी है। जालान ने बताया कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की सहमति से श्रम मंत्री ने कार्पस को इक्विटी मार्केट में लगाने का आदेश दे दिया है। इस साल हम केवल ईटीएफ रूट से ही निवेश करेंगे।श्
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।