एयरलाइनों की ओर से कैंसिलेशन शुल्क में अनापशनाप बढ़ोतरी को लेकर देश भर से मिल रही शिकायतों के मद्देनजर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जांच शुरू कर दी है। विमानन नियामक डीजीसीए सूत्रों के अनुसार हवाई जहाज से अक्सर यात्रा करने वाले दर्जनों यात्रियों ने डीजीसीए से एयरलाइनों के मनमाने रवैये की शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि एयरलाइनें घरेलू सेक्टरों की उड़ानों की बुकिंग रद कराने के लिए 1,000 रुपये से 4,000 रुपये तक का निरस्तीकरण शुल्क (कैसिलेशन चार्ज) वसूल रही हैं। जबकि आम तौर पर इसे 1,000 रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। एयर इंडिया अभी भी इसी दर से कैंसिलेशन शुल्क वसूल रही है। मगर निजी एयरलाइनों में कोई 1,250 रुपये वसूल रही है तो कोई 3,250 रुपये। टिकट जल्दी कैंसिल कराने पर तो कम राशि काटी जाती है, मगर जरा सी देर होने पर दूनी-तिगुनी रकम काट ली जाती है। यही नहीं, गो एयर जैसी एयरलाइनें तो जब चाहे बिना कारण बताए एकतरफा ढंग से बुकिंग रद कर देती हैं।
Digital Desk: Kamal
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