घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने के लिए विदेशी निवेश को आसान बनाने के बाद अब सरकार ने शुल्क की शर्तो में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने आयातित सामग्री पर लागू करने का फैसला किया है। कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाली एसेसरीज जैसे हार्ड डिस्क, सीडी रोम ड्राइव, डीवीडी राइटर जैसे सामान पर शुल्क में बदलाव वित्त विधेयक में शामिल कर लागू कर दिए गए हैं। अलबत्ता इससे खुले बाजार में इन उत्पादों की कीमत बढ़ जाएगी। देश में पर्सनल कंप्यूटर या डेस्कटॉप कंप्यूटर निर्माण के लिए आयात होने वाले पार्ट्स पर आयात शुल्क को कम रखा गया है, जबकि इन पार्ट्स की खुदरा बिक्री के लिहाज से होने वाले आयात पर शुल्क की दर अधिक होगी। इससे देश में कंप्यूटर मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गत 30 अप्रैल को वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए शुल्क की शर्तो में किए गए इन बदलावों को शामिल किया गया। शुल्क की दरों में ये सभी बदलाव पहली मई, 2015 से लागू हो गए हैं।
Digital Desk: Kamal
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