कई बार लोगों को अपनी बढ़ी कीमतों से रुला चुके प्याज के तेवर दोबारा गरम है। एशिया की सबसे बड़ी मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में प्याज का भाव करीब दो साल की ऊंचाई तक पहुंच गया है। महज एक महीने में इसकी कीमतें 70 फीसद तक उछल चुकी हैं। आपूर्ति घटने से जुलाई में अक्सर कीमतें बढ़ती हैं। मानसून की शुरुआत होने से प्याज की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। लासलगांव मंडी में गुरुवार को यह 25.50 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचा गया है। जबकि राजधानी में इसकी खुदरा कीमतें 35-40 रुपये प्रति किलो के दायरे में हैं। दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ज्यादातर आपूर्ति लासलगांव मंडी से होती है। 27 जून को सरकार ने इस जिंस के न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) में वृद्धि की थी। तब से कीमतें 70 फीसद तक बढ़ चुकी हैं। बढ़ती कीमतें आने वाले हफ्तों में खाद्य महंगाई को बढ़ा सकती हैं। नाशिक स्थित नेशनल हॉर्टिकल्चरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन (एनएचआरडीएफ) के आंकड़े बताते हैं कि बीते माह लासलगांव में प्याज का औसत मूल्य 15 रुपये प्रति किलो रहा। देश के ज्यादातर हिस्सों में खुदरा बाजारों में कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
Digital Desk: Kamal
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