सोने की कमजोर होती कीमतों और मजबूत होते डॉलर ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को चपत लगाई है। 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यह 18.76 करोड़ डॉलर घटकर 353.46 अरब डॉलर पर आ गया। इससे पहले 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यह 32.20 करोड़ डॉलर बढ़कर 353.64 अरब डॉलर रहा था। रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक सोने की घटती कीमतों का विदेशी मुद्रा भंडार पर सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर पड़ा। समीक्षाधीन अवधि में स्वर्ण भंडार 82.42 करोड़ डॉलर घटकर 18.25 अरब डॉलर पर आ गया। एक मई को समाप्त सप्ताह से यह 19.34 अरब डॉलर के स्तर पर यथावत बना हुआ था। भारत में सोने की सबसे ज्यादा खपत होती है। विदेशी मुद्रा भंडार में इसका करीब 15 फीसद हिस्सा है। 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) 62.99 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 329.87 अरब डॉलर पर पहुंच गईं। विदेशी मुद्रा भंडार में एफसीए का सबसे बड़ा हिस्सा होता है।
Digital Desk: Kamal
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