अमेरिकी अगुआई में ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटने से ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतें रसातल में चली जाएंगी। अगले साल क्रूड के दाम 10 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकते हैं। विश्व बैंक ने सोमवार को यह भविष्यवाणी की है। इसका फायदा भारत, चीन और ब्रिटेन जैसे देशों को मिलेगा, जो कच्चे तेल के आयात पर निर्भर हैं। इसके लिए ये देश तेहरान के साथ अपने व्यापारिक संबंध बढ़ाएंगे। ईरानी अर्थव्यवस्था भी इससे लाभान्वित होगी। इसकी विकास दर मौजूदा तीन फीसद से बढ़कर 2016 में पांच प्रतिशत हो जाएगी। विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के साथ 14 जुलाई को हुए परमाणु करार के बाद अगर अब इस समझौते को संबंधित देशों ने मंजूरी दे दी तो अमेरिका और यूरोपीय संघ पाबंदियां हटा लेंगे। इसके बाद अपनी अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए ईरान ज्यादा से ज्यादा कच्चा तेल निर्यात करने में जुट जाएगा।
Digital Desk: Kamal
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