आर्थिक सुधारों को लेकर राजनीतिक विरोध झेल रही राजग सरकार के लिए आर्थिक मोर्चे से भी कोई उत्साहजनक खबर नहीं मिली है। केंद्र ने चालू वित्त वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था की जो तस्वीर पेश की है, वह ऐसे संकेत नहीं देती कि अच्छे दिन आ गए हैं। अप्रैल से जून की इस तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात फीसद रही है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) की ओर से जारी यह आंकड़ा सरकार के अनुमान से काफी कम है। वैसे यह वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 6.7 फीसद से ज्यादा है। मगर जनवरी-मार्च, 2015 की तिमाही में हासिल 7.5 फीसद की विकास दर से कम है। जब देश के कई हिस्सों में मानसून की स्थिति खराब रही है। निवेश की रफ्तार भी नहीं बढ़ पा रही है। जानकारों का मानना है कि ऐसे हालात में अगली दो-तीन तिमाहियों में भी आर्थिक विकास दर और नीचे जा सकती है।
Digital Desk: Kamal
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