नियंत्रित नहीं हो रही हैं दालों की कीमतें
(India)

प्याज के लगातार बढ़ते दामों ने पहले ही रसोई का जायका बिगाड़ दिया है वहीं अब दाल की कीमतें भी आसमान पर पहंुच गई है । दलों की बढ़ती कीमत पर लगाम लगाने के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है लेकिन सरकार की कोशिशे बेअसर नजर आ रही है । खुले बाजार में दालों के दाम 155 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाने से सरकार की चिंता बढ़ गई है. सरकार ने घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाने और महंगाई थामने के लिए 5,000 टन अतिरिक्त अरहर दाल के आयात का फैसला किया है.सरकार ने कहा कि 10,000 टन अरहर और उड़द दाल के आयात की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है और इसकी पहली खेप 23 सितंबर तक पहुंच जाएगी. चना दाल को छोड़कर बाकी सभी दलहनों की खुदरा कीमतें देशभर में 100 रुपये किलो से ऊपर चल रही हैं. सर्वाधिक वृद्धि अरहर और उड़द दाल में देखी गई है. उपभोक्ता मामले सचिव सी. विश्वनाथ ने कहा, ‘एक उच्चस्तरीय बैठक में हमने दलहनों की उपलब्धता बढ़ाने और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 5,000 टन अतिरिक्त अरहर दाल के आयात का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि एमएमटीसी इस बारे में जल्द ही ग्लोबल टेंडर जारी करेगी.

Digital Desk: Kamal

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