दालों और प्याज की कीमत बढने के बावजूद देश की थोक महंगाई दर और उपभोक्ता महंगाई दर अगस्त महीने में घटकर 4.95 फीसदी और 3.66 फीसदी रही। इससे भारतीय रिजर्व बैंक पर दरों में कटौती का दबाव और बढ गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी थोक महंगाई दर और उपभोक्ता महंगाई दर के आंकडे के मुताबिक, अगस्त में दलहन और प्याज जहां महंगा हुआ है वहीं सब्जियां आम तौर पर सस्ती हुई है। उपभोक्ता महंगाई दर के आंकडों के मुताबिक खाद्य महंगाई दर 2.2 फीसदी रही, जो जुलाई में 2.15 फीसदी थी। ग्रामीण भारत में उपभोक्ता महंगाई दर 4.35 फीसदी से बढकर 4.47 फीसदी हो गई, जबकि शहरों में 2.94 फीसदी से घटकर 2.67 फीसदी हो गई। थोक महंगाई दर अगस्त में नकारात्मक 4.95 फीसदी रही, जबकि जुलाई में यह दर नकारात्मक 4.05 फीसदी थी। गिरावट में सर्वाधिक योगदान ईंधन मूल्यों में गिरावट का है। एक साल पहले समान अवधि में थोक महंगाई दर 3.85 फीसदी थी।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।