वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विश्वास जताया कि भारत मौजूदा वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के दौर से सुरक्षित निकल जाएगा और इसमें देश को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार देश की वास्तविक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और इसमें 8 से 9 प्रतिशत की वृद्धि की संभावित क्षमता के दोहन पर ध्यान दे रही है। जेटली ने कहा कि मैं उन लोगों में से हूं जिन्हें विश्वास है कि हमने उठा-पटक के दौर में जीना सीख लिया है। चाहे वह यूनान संकट हो या चीन में मुद्रा का अवमूल्यन या अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में वृद्धि। उन्होंने कहा कि हर दिन किसी न किसी बात का प्रभाव बाजार पर रहता है। एक नीति निर्माता के रूप में हम वास्तव में इन (तात्कालिक) कारकों पर दांव नहीं लगा सकते। वित्त मंत्री चार दिन की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में सिंगापुर के बाद यहां आये थे। हांगकांग यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दर बढ़ाता तो निश्चित रूप से उसका प्रभाव होता। हांगकांग यात्रा कल संपन्न हो गयी। जेटली ने कहा कि बाजार पर प्रभावों का एक ऐसा दृष्टिगत प्रभाव जरूर होता है कि कुछ उठा पटक चल रही है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं को इस प्रकार के कारकों को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए।
Digital Desk: Kamal
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