भारत ने 2015 की पहली छमाही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई को आकर्षित करने के मामले में चीन और अमेरिका को पछाड़ दिया। आलोच्य अवधि में भारत को 31 अरब डॉलर का विदेशी निवेश हासिल हुआ है। मंगलवार को एक रिपोर्ट के बाबत इस बात की जानकारी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 में भारत पूंजी निवेश के मामले में पांचवे नंबर पर था। इससे ऊपर चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, मैक्सिको हुआ करते थे। वित्त मंत्रालय ने फाइनेंशियल टाइम्स (लंदन) में प्रकाशित एक रिपोर्ट भेजी है जिसमें कहा गया है, ‘निवेश में भारत ने बाजी मारी।’ इस रिपोर्ट के अनुसार, 2015 की पहली छमाही में भारत को 31 अरब डॉलर एफडीआई मिला। वहीं, चीन को 28 अरब डॉलर और अमेरिका को 27 अरब डॉलर एफडीआई मिला। इस रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही साल में जब एफडीआई आकर्षित करने वाले देशों में इस बाबत कमी देखी गई, भारत में यह अधिक रही। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने का सरकार का प्रयास रंग लाने लाने लगा है क्योंकि भारत नई परियोजनाओं के लिये सर्वाधिक एफडीआई प्राप्त करने वाला गंतव्य बन गया है। जेटली ने ट्वीट करके कहा, ‘यह संतुष्ट करने वाला है, हमारा प्रयास रंग लाने लगा है। भारत नई परियोजनाओं के लिये सर्वाधिक एफडीआई प्राप्त करने वाला गंतव्य बन गया है।’
Digital Desk: Kamal
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