भारत में आकांक्षाएं बढ़ाने की क्रांति अच्छा संकेत
(India)

विश्व को आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के लिए चीन के अलावा कुछ अतिरिक्त कंधों की जरूरत है और यह भारत के लिए मौका है। यह बात वित्त मंत्री अरण जेटली ने कही। कोलंबिया विश्वविद्यालय में यहां छात्रों और अध्यापकों को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि भारत में आकांक्षाएं बढ़ाने की क्रांति अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जबकि वह छह से आठ प्रतिशत की वृद्धि दर से संतुष्ट नहीं है और ज्यादातर भारतीयों का मानना है कि मेरी आठ प्रतिशत की सामान्य वृद्धि दर, शायद, नौ प्रतिशत के करीब या इससे अधिक का संकेतक है। उन्होंने कहा कि नीति-निर्माताओं पर जो दबाव बन रहा है उसमें उनको कुछ भी गलत नजर नहीं आता क्योंकि जितनी तेजी से आप आगे बढ़ते हैं, सरकार के लिए उतना ही अच्छा है उन्होंने कहा विश्व के सबसे मजबूत कंधों में से चीन था। विश्व को अब वृद्धि दर को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ अतिरिक्त कंधों की जरूरत है। जेटली ने कहा यह बड़ा मौका है और यदि हम उस दिशा में आगे बढ़ना बरकरार रखते हैं जिस दिशा में अभी अग्रसर हैं, तो मुझे लगता है कि अगले कुछ साल में जहां तक आर्थिक हालात का सवाल है ज्यादा अनुकूल माहौल के मद्देनजर हमारी वृद्धि दर बढ़ेगी, हमारी वृद्धि दर्ज करने की क्षमता बढ़ेगी और गरीबी से संघर्ष की हमारी क्षमता भी कम से कम सुधरेगी।

















Digital Desk: Kamal

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