कालेधन के खेल में बैंक ऑफ बड़ौदा के बाद ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स समेत आठ बैंकों के नाम सामने आए हैं। गाजियाबाद की ओबीसी बैंक शाखा के 66 खातों और सात निजी बैंकों के जरिये 11 फर्जी कंपनियों ने करीब 557 करोड़ रुपये हांगकांग भेजे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को हवाला कारोबारी संजय अग्रवाल समेत अन्य को गिरफ्तार करने के बाद गुरुवार को इसका पर्दाफाश कर दिया। ईडी ने बताया कि संजय अग्रवाल मेसर्स पीआर फॉरेक्स फर्म की मिलीभगत से काम करता था। राजीव वाधवा नाम के व्यक्ति के नेतृत्व में पूरा एक समूह इसमें शामिल था। आयात-निर्यात कारोबार की आड़ में इसे अंजाम दिया गया। 2006 से 2014 तक राजनगर (गाजियाबाद) निवासी मनीष जैन पीआर फॉरेक्स फर्म चलाता रहा। इसके बाद 2014-15 में संजय ने यह जिम्मेदारी संभाल ली। कई लोगों के फर्जी आयात दस्तावेजों के आधार पर गैरकानूनी पैसा विदेश भेजा गया। इन लोगों को भी ईडी ने पीएमएलए (हवाला कारोबार उन्मूलन अधिनियम) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
इन बैंकों से हुआ ‘गोरखधंधा’
1. ओबीसी
2. यस बैंक
3. इंडसइंड
4. धनलक्ष्मी
5. कोटक महिंद्रा
6. आईसीआईसीआई
7. आईएनजी वैश्य
8. डीसीबी
Digital Desk: Kamal
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