देश में असहिष्णुता को लेकर तेज होती चर्चा के बीच रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आपसी सम्मान और सहिष्णुता के परिवेश में सुधार लाने का आह्वान करते हुये शनिवार को कहा कि राजनीतिक स्तर से चीजों को ठीक करने की अत्यधिक सक्रियता से प्रगति का मार्ग अवरूद्ध होता है। राजन ने कहा कि भारत की प्रगति के लिये सवाल उठाने और चुनौती देने के अधिकार के संरक्षण की जरूरत है। आईआईटी दिल्ली में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुये राजन ने कहा कि किसी समूह की भागीदारी को नुकसान पहुंचाने के लिये किसी को शारीरिक तौर पर चोट पहुंचाने या किसी खास समूह का अपमान करने की कार्रवाई की निश्चित तौर पर अनुमति नहीं दी जानी चाहिये। राजन ने कहा, यौन उत्पीड़न चाहे वह शारीरिक हो अथवा शाब्दिक हो, उसका समाज में कोई स्थान नहीं है।
Digital Desk: Kamal
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