रीयल एस्टेट कारोबार के लिए मंदी का दौर शीघ्र समाप्त होने की उम्मीद करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि इस क्षेत्र को बाजार अर्थव्यवस्था पर जीवित रहना होगा और सब्सिडी उसके अस्तित्व का मूलाधार नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने रीयल इस्टेट क्षेत्र से कहा कि वह कराधान से जुड़े अपने सुझाव हाल ही में गठित कर मुद्दों संबंधी समिति को दें। उन्होंने कहा कि सरकार इस समिति की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करेगी। जेटली एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे जिसमें रीयल एस्टेट कंपनियों व आवास ऋण उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के आला अधिकारी शामिल हुए। जेटली ने कहा कि जहां तक भारतीय अर्थव्यवस्था का सवाल है तो यह क्षेत्र आगामी महत्वपूर्ण कारक साबित होगा। उन्होंने कहा कि आवास के लिए जमीन की आसान उपलब्धता बहुत महत्वपूर्ण है जबकि ब्याज दरें तो पहले ही नीचे आ गई हैं ताकि कोष लागत को कम किया जा सके। जेटली ने कहा कि रीयल्टी क्षेत्र को बाजार अर्थव्यवस्था पर आधारित होना चाहिए और उद्योगों के जीवित रहने का आधार सब्सिडी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति को नियंत्रण में किया जा चुका है और भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में इस साल चार बार पहले ही कटौती की है, यह क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम हैं और उम्मीद है कि ये कदम आगे भी बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि रीयल्टी क्षेत्र के लिए मंदी का दौर अब समाप्त होना चाहिए।
Digital Desk: Kamal
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