खुदरा मुद्रास्फीति में नवंबर में लगातार चैथे महीने बढ़ोतरी हुई है। सब्जियों, दालों और फलों की कीमतों में बढ़ोतरी से यह बढ़कर 5.41 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से अधिक है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अक्तूबर में पांच प्रतिशत पर थी। पिछले साल नवंबर में यह 3.27 प्रतिशत के स्तर पर थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता खाद्य मुद्रास्फीति नवंबर में बढ़कर 6.07 प्रतिशत पर पहुंच गई। समीक्षाधीन महीने में दालों तथा उत्पादों की श्रेणी में खुदरा मुद्रास्फीति 46.08 प्रतिशत के उच्चस्तर पर रही। नवंबर में सब्जियों की महंगाई लगभग दोगुना होकर चार प्रतिशत रही। मोटे अनाज तथा उत्पाद श्रेणी में यह 1.70 प्रतिशत रही। नवंबर में मौसमी फल भी महंगे हुए। इनकी मुद्रास्फीति 2.07 प्रतिशत रही। मीट और मछली की मुद्रास्फीति 5.34 प्रतिशत, खाद्य एवं बेवरेज में 6.08 प्रतिशत और गैर अल्कोहोलिक बेवरेज में यह 4.55 प्रतिशत रही। हालांकि दूध और उसके उत्पाद, अंडा, ईंधन तथा लाइट वर्ग की मुद्रास्फीति नवंबर में कुछ घटी। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.95 प्रतिशत पर पहुंच गई। वहीं शहरी क्षेत्र के लिए यह 4.71 प्रतिशत रही। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित दोनों मुद्रास्फीति हमारी उम्मीदों से थोड़ी अधिक लेकिन रुख के अनुरूप ही हैं। अनुकूल आधार प्रभाव समाप्त हो रहा है। इससे आगामी महीनों में दोनों मुद्रास्फीति और चढ़ेगी।
Digital Desk: Kamal
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