वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट में जहां एक तरफ छोटे आयकरदाताओं को 6,600 करोड़ रुपये की राहत दी, वहीं अति धनाढय व्यक्तियों पर अधिभार तीन प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव किया। साथ ही संगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन पर जोर के साथ कृषि संकट के समाधान के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में 1.77 लाख करोड़ रुपये के खर्च का भी प्रस्ताव किया। इसके अलावा यात्री कारों पर अलग-अलग दर से उपकर तथा देश में कालाधन रखने वालों के लिये मोहलत अवधि का प्रस्ताव किया गया है। अपना तीसरा बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने व्यक्तिगत या कंपनी आयकर कर के स्लैब में तो कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन बिजली, आभूषण, रेडिमेड कपड़े, मिनरल वाटर तथा एरेटेड पेय, तंबाकू तथा सिगरेट पर शुल्क लगाकार उसे महंगा कर दिया।
Digital Desk: Kamal
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