ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) ने यूबी ग्रुप प्रवर्तक विजय माल्या के खिलाफ कर्जदाता का पहला अधिकार चाहने संबंधी स्टेट बैंक की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के समूह ने किंगफिशर एयरलाइंस को 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज दे रखा है। विजय माल्या ने यूनाइटेड स्प्रिटिस के चेयरमैन पद से हटने के लिए डियाजियो के साथ पिछले सप्ताह समझौता किया था। इसके तहत उन्हें 7.5 करोड़ डॉलर की राशि मिलनी है। एसबीआई की मंशा है कि इस धन पर कर्ज देने वालों के पहले अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। भारतीय स्टेट बैंक ने तीन और याचिकाएं भी लगाई हैं जिनमें से एक माल्या की गिरफतारी व उनका पासपोर्ट जब्त किए जाने को लेकर भी है। बैंक ने कर्ज नहीं चुकाने के लिए माल्या के खिलाफ डीआरटी का दरवाजा खटखटाया है। डीआरटी के न्यायाधीश बेनाकानाहल्ली ने कहा कि बाकी तीन आवेदनों पर बाद में सुनवाई होगी।
Digital Desk: Kamal
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