वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को सुस्त होने के बजाए इसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने के लिये देश को कम ब्याज दरों की दिशा में बढ़ना है। लोकप्रिय मियादी जमा योजनाओं ब्याज में कटौती के लिए सरकार की आलोचना हो रही है। जेटली ने बजट सत्र के दूसरे चरण में दिवालिया विधेयक तथा जीएसटी विधेयक के पारित होने की भी उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जीएसटी विधेयक को लेकर मतभेद कम हुए हैं और वह संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू के साथ मिलकर कांग्रेस को राजी करने के लिये और प्रयास करेंगे। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बातचीत में जेटली ने कहा कि लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर का निर्धारण फार्मूला आधारित है और सरकार बाजार निर्धारित दर से ऊंचा ब्याज देने के लिये इन योजनाओं पर अपनी ओर से सब्सिडी देती है।
Digital Desk: Kamal
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