इंटरनेट सेवाओं के लगातार हो रहे विस्तार के बीच समय अभाव के कारण लागों की घर बैठे जरूरत की चीजें खरीदने की चाहत के साथ ही आकर्षक ऑफर एवं छूट की बदौलत जारी वर्ष में ऑनलाइन शापिंग में 78 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। वाणिज्य एवं उद्योग संगठन एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015 में 5.5 करोड़ ग्राहकों ने ऑनलाइन खरीददारी की, जो वर्ष 2016 में बढ़कर आठ करोड़ पर पहुंच सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 अरब डॉलर का घरेलू ई-कॉमर्स बाजार प्रत्येक वर्ष 35 से 40 फीसदी की दर से बढ़ रहा जिसके अगले पांच वर्ष में 100 अरब डॉलर के पार निकलने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल लोकप्रिय श्रेणी के उत्पादों पर उपभोक्तओं ने सर्वाधिक खर्च किये, जिसमें बैग पर 110 फीसदी, वस्त्र पर 68 फीसदी और कॉस्मेटिक उत्पादों पर 25 फीसदी तक व्यय शामिल हैं। इसके अलावा घड़ियों एवं कृत्रिम आभूषणों पर क्रमशरू 126 फीसदी और 65 फीसदी खर्च किये गए। मोबाइल फोन के जरिये की गयी खरीददारी का कुल ऑनलाइन बिक्री में 11 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसके वर्ष 2017 तक 25 फीसदी पर पहुंचने की उम्मीद है। एसोचैम ने कहा कि ई-कॉमर्स बहुत बड़ा कारोबार है और दिन-प्रतिदिन यह और बड़ा होता जा रहा है। पिछले साल करीब 80 लाख से एक करोड़ व्यस्क ग्राहकों ने इंटरनेट के जरिये ऑनलाइन शापिंग की है। यह इस कारोबार के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER:
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।