इंटरनेट का दूसरा नाम बन चुके सर्च इंजन गूगल के सहसंस्थापक लैरी पेज अब फ्लाइंग कार बनाने में जुटे हैं। उन्होंने इसके लिए दो स्टार्टअप जी एरो और किटी हॉक में दस करोड़ डॉलर का निवेश किया है। ये दोनों ही कंपनियां हवा में उड़ने के साथ सीधे जमीन पर उतर सकने वाली फ्लाइंग कार बना रहे हैं। ब्लूमबर्ग बिजनेसवीक के मुताबिक, यह विद्युतचालित कार अगले कुछ वर्षों में हकीकत बन जाएगी। जी एरो की स्थापना 2010 में हुई थी। कैलिफोर्निया के सिलिकन वैली में गूगल या उसकी प्रवर्तक कंपनी एल्फाबेट के ठीक निकट कार्यालय के कारण पहले माना जा रहा था कि यह उसकी सहयोगी कंपनी है, मगर जी एरो ने इससे इनकार किया है। कंपनी के 150 से ज्यादा इंजीनियर होलिस्टर में एयरपोर्ट के निकट फ्लाइंग कार के प्रोटोटाइप के लगातार परीक्षण कर रहे हैं। वर्ष 2015 में किटी हाक भी इस होड़ में शामिल हुई। इसमें भी लैरी पेज ने निवेश किया है। जी एरो ने 2011 में ऐसी ही फ्लाइंग कार का डिजाइन पेटेंट कराया था, जो पुरानी कारों जैसी ही दिखती है। दिलचस्प बात है कि किटी हाक के अध्यक्ष सेबेस्टियन थ्रुन हैं, जो गूगल की सेल्फ ड्राइविंग कार योजना के भी प्रमुख हैं। वह कंपनी की शोध शाखा गूगल एक्स के संस्थापक भी हैं। हालांकि गूगल या पेज इस बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। एरोमोबिल, टेरीफुगिया जैसी कंपनियां भी फ्लाइंग कार पर काम कर रही है।
Digital Desk: Kamal
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