वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ तिमाही समीक्षा बैठक के बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि अगर अर्थव्यवस्था में सुधार होता है तो बैंकों के एनपीए में कमी आएगी। उद्योगों में सुधार होने से बैंक अपने ऋणों की वसूली कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एनपीए में ज्यादातर हिस्सेदारी इस्पात और आधारभूत क्षेत्र से जुडी कंपनियों की है। इन क्षेत्रों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं और कुछ कंपनियों ने ऋण राशि का ब्याज आदि लौटाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि एनपीए घटाने के लिए बैंकों को स्वयं पहल करने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैंठक के दौरान परिसंपदाओं के गुणवत्ता और अन्य मुद्दों पर गंभीरता और व्यापकता से चर्चा की गयी। बैकिंग क्षेत्र की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा, श् पहली तिमाही में बैंकों का प्रदर्शन, वित्तीय समावेशन, वित्तीय साक्षरता, शिक्षा ऋण, कृषि ऋण, आवास ऋण और पेंशन से संबंधित मुद्दों पर प्रस्तुति दी गयी। जेटली ने बताया कि बैंकों के साइबर खतरों पर भी चिंतन किया गया और पाया गया कि भारतीय बैंकों का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित हैं लेकिन लगातार सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आवास ऋण में वृद्धि हो रही है, जो आधारभूत ढांचा क्षेत्र के लिए बेहतर संकेत है।झारखण्ड सरकार श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं विकास विभाग की और से रामगढ़ में मजदूर सम्मान दिवस मनाया गया। इस मौके पर मजदूरों को सम्मान स्वरूप सामान का वितरण किया गया। जिसमे पेयजल मंत्री चंद्र प्रकश चोधरी, एसडीओ किरण कुमारी पासी के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Digital Desk: Kamal
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