सरकारी आय, व्यय और निवेश के प्रस्ताव रखने और पारित करने के मामले में एक बड़े बदलाव वाले निर्णय के तहत मंत्रिमंडल ने सालाना आम बजट फरवरी के अंत की परंपरागत तारीख से एक महीने पहले पेश किये जाने के वित्त मंत्रालय के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी। इसके साथ ही रेलवे का बजट अलग से पेश करने की नौ दशक से भी अधिक पुरानी परंपरा को भी समाप्त कर उसे आम बजट का हिस्सा बनाने का भी निर्णय किया गया है। इन फैसलों के तहत अब बजट को सरल बनाने और कामकाज की सुगमता के लिए सरकारी खर्चों को योजना एवं गैर-योजना व्यय में वर्गीकत करने की व्यवस्था समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने आम बजट को फरवरी के बजाए एक महीने पहले पेश करने के प्रस्ताव के मंजूरी दे दी। अबतक बजट को फरवरी के आखिरी कार्यदिवस को पेश किया जाता रहा है। सरकार चाहती है कि पहली अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले ही उसकी सालाना आय और व्यय के प्रस्तावों को संसद की मंजूरी मिल जाए। बजट सत्र को पहले शुरू करने से इसके लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। मंत्रिमंडल ने रेल बजट को आम बजट में मिलाने को भी मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु पहले ही इसके पक्ष में बोल चुके हैं। इस फैसले के मददेनजर संसद का बजट सत्र अब 25 जनवरी से पहले बुलाया जा सकता है। फिलहाल फरवरी के अंतिम सप्ताह में बजट सत्र शुरू होता है।
Digital Desk: Kamal
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