कालाधन जमा करने वालों के साथ-साथ सरकार के इस फैसले से वे लोग भी चिंतित है जिन्होंनं कुछ जमा पूंजी बचाकर रखी है, राजस्व सचिव हंसमुख आधिया ने कहा कि उन छोटे कारोबारियों, गृहिणियों, कलाकारों व कामगारों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है जिन्होंने कुछ नकदी बचाकर घर में रखी हुई है. अधिया ने कहा कि इस तरह के लोगों को आयकर विभाग की जांच आदि के बारे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 की अवधि में हर बैंक खाते में 2.5 लाख रुपये की सीमा से अधिक की सभी नकदी जमाओं की रपट हमें मिलेगी. अधिया ने कहा कि आयकर विभाग इन जमाओं का मिलान जमाकर्ता के आयकर रिटर्न से करें. उचित कार्रवाई की जा सकती है. खाताधारक द्वारा घोषित आय और जमाओं में किसी तरह की विसंगति को कर-चोरी का मामला माना जाएगा।
Digital Desk: Kamal