सरकार नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को बदलकर नये नोट लेने की सुविधा को धीरे-धीरे बंद कर सकती है। ऐसे नोट रखने वालों से अपनी राशि सीधे बैंक खातों में जमा करवाने को कहा जा सकता है। सरकार फिलहाल ऐसा सोच रही है। सूत्रों ने कहा कि बाजार में नकदी उपलब्धता का इच्छित स्तर हासिल होने के मद्देनजर सरकार इस बारे में विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नोट बदने की सुविधा तो बाजार में नकदी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दी गई थी। एक अधिकारी ने कहा, हम नोटबंदी के बाद बाजार में लगभग 60 प्रतिशत नकदी उपलब्धता बनाए रखना चाहते थे जिसे पहले ही हासिल कर लिया गया है। बाकी उपलब्धता सुनिश्चित होने के दौरान नोट बदलने की सुविधा को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि सरकार इंतजार कर रही है कि पहले नए नोट प्रणाली में चलन में आए। प्रणाली में नये नोट पर्याप्त संख्या में चलन में आने पर नोट बदलने की सुविधा समाप्त की जा सकती है। फिलहाल कोई व्यक्ति अधिकतम 2000 रुपये तक के नोट बदलवा सकता है।
Digital Desk: Kamal