सरकार ने रीयल एस्टेट सेक्टर में मनी फ्लो बढ़ाने के लिए कंस्ट्रक्शन में एफडीआई की शर्तों में ढील दी है। कैबिनट में लिए फैसले के अनुसार, अब 50,000 स्क्वेयर मीटर हाउसिंग प्रोजेक्ट की जगह 20,000 स्क्वेयर मीटर एरिया में कंस्ट्रक्शन के लिए एफडीआई की अनुमति होगी। यानी 20,000 स्क्वेयर मीटर से ऊपर के प्रोजेक्ट्स में बिल्डर 100 पर्सेंट की एफडीआई ले सकेगा। हालांकि एफडीआई की रकम कम से कम 50 लाख डॉलर होनी चाहिए। यह प्रोसेस ऑटोमैटिक होगी, इसमें सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स में 30 पर्सेंट एरिया अफोर्डबेल हाउस के लिए होगा, उसके लिए न्यूनतम बिल्डअप एरिया और न्यूनतम एफडीआई राशि की शर्तें लागू नहीं होंगी। रीयल एस्टेट ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। एसजी एस्टे्टस के डायरेक्टर गौरव गुप्ता का कहना है कि इससे उन प्रोजेक्टों के लिए नकदी जुटाना आसान होगा, जो फिलहाल पैसे की कमी झेल रहे हैं। साथ ही अफोर्डबेल हाउस बनाने के लिए बिल्डर कंपनियां प्रेरित होंगी।
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