सेबी ने पहली बार भेजा किसी को जेल
(India)

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने पहली बार अपने नए अधिकारों का प्रयोग करते हुए धोखाधड़ी की गतिविधियों में लिप्त एक व्यक्ति को छह माह के लिए जेल भेज दिया है। यह व्यक्ति थाणे का विनोद हिंगोरानी है, जिस पर सेबी ने चार गलत जानकारी देकर कंपनी के शेयरों की कीमत बढ़ाने के आरोप में साल पहले 1.64 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। विनोद एडम कॉमसॉफ व कोलर बायोटेक नाम की दो कंपनियां चलाता है। अब तक वह इस जुर्माने को भरने से आनाकानी कर रहा था। सेबी अब तक किसी को सिर्फ कुछ देर के लिए हिरासत में रखता था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने हिंगोरानी पर 2010 में यह जुर्माना ठोका था। इसे वसूलने के लिए नियामक ने बार-बार नोटिस भेजे। इसके बावजूद भी उसने जुर्माना नहीं भरा तो उसे व्यक्तिगत तौर पर सेबी के रिकवरी अफसर के समक्ष 11 नवंबर को उपस्थित होने का आदेश दिया गया। इसके बावजूद वह नहीं आया तो उसे दोबारा 10 दिसंबर को मौजूद रहने के लिए कहा गया। अंततरू विनोद गुरुवार को सुनवाई के लिए उपस्थित हुआ। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह दोनों कंपनियों में गैर एक्जीक्यूटिव चेयरमैन है। सेबी ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी विनोद ने जुर्माना अदा करने का कोई ठोस वादा नहीं कर पाया।

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