केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रस्ताव यदि सरकारी बैंकों ने स्वीकार कर लिया तो जल्द ही बैंकों के लेनदेन संबंधी एसएमएस और एटीएम से निकलने वाली पर्चियां हिंदी में मिलेंगी। आधिकारिक कामकाज में इस भाषा को बढ़ावा देने की कोशिशों के तहत सरकार ने यह पहल की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग का कहना है कि अभी इंटरनेट बैंकिंग वेबसाइट पर हिंदी भाषा में काम करने की कोई सुविधा नहीं है। सरकारी बैंकों के मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशंस में हिंदी का उपयोग करने की भी सुविधा नहीं है। राजभाषा विभाग ने इस बाबत वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग को हाल ही में पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि बैंकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्राहकों को बैंकिंग सुविधा व लेनदेन संबंधी ईमेल और एसएमएस हिंदी में भेजे जाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ सदस्य अपने दैनिक कामकाज में हिंदी का व्यापक उपयोग करने के लिए जाने जाते हैं। मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना पहला भाषण हिंदी में दिया था। दुनिया के तमाम नेताओं से अक्सर वह हिंदी में ही बातचीत करते हैं।
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