भारत की आर्थिक वृद्धि दर जनवरी-मार्च तिमाही में घटकर 7.2 प्रतिशत पर रहने की संभावना है जो इससे पिछली तिमाही में 7.5 प्रतिशत रही थी। क्रेडिट रेटिंग एजेन्सी मूडीज ने आज कहा कि कम उत्पादन एवं कमजोर वैश्विक मांग के चलते वृद्धि दर में गिरावट आ सकती है। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के आंकड़ों पर संदेहः रेटिंग एजेन्सी ने केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा नये जीडीपी आंकडों की श्रृंखला पर भी सवाल उठाये हैं जिसमें 2011-12 को आधार वर्ष के तौर पर लिया गया है। मूडीज ने कहा कि नये आंकड़े श्संदेहपूर्णश् हैं क्योंकि वे अर्थव्यवस्था के अन्य संकेतकों के अनुरुप नहीं हैं।
Digital Desk: Kamal
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