(India)
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने मंगलवार को रेपो दर में 0.25 फीसद की कटौती की। आरबीआई ने सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो दर अब 7.25 फीसद हो गई। इससे इएमआइ में कमी हो सकती है। बाजार और उद्योग जगत चाहता था कि केंद्रीय बैंक ब्याज दर में चैथाई फीसद से आगे बढ़कर कुछ कदम उठाए। तभी अर्थव्यवस्था की रफ्तार में तेजी आ सकेगी। देश में खुदरा व थोक महंगाई की मौजूदा दर और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े ब्याज दरों में कटौती का पूरा माहौल तैयार कर रहे हैं। बीते वित्त वर्ष 2014-15 की चैथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकड़ों ने भी इसका भरोसा दिलाया है कि अगर ब्याज दरें नीचे आएं तो विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है।
Digital Desk: Kamal
CORRECTION:
2015-06-02 11:54:08
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