नोटबंदी से बाजारों में मंदी
(India)

नोटबंदी के बाद से औद्योगिक नगरी में कारोबार ठंडा पड़ता जा रहा है। छह दिन में कारोबार करीब 90 फीसदी कम हो गया। इसके चलते बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। कर्ज लेकर कारोबार करने वालों को अब बैंक की किश्त की चिंता सताने लगी है। साथ ही मजदूरों की तनख्वाह का बोझ अलग से बढ़ता जा रहा है। खासतौर से खाद्य पदार्थ, ज्वैलरी, ऑटोमोबाइल, गारमेंटस, इलेक्ट्रानिक्स आदि के कारोबार पर ज्यादा असर है। जिला फरीदाबाद में एनआईटी नंबर-एक, एनआईटी नंबर-पांच, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ बड़े बाजारों में शुमार है। यहां थोक विक्रेताओं की बड़ी बड़ी दुकानें हैं। जहां करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। खादय पदर्थों की दुकानों की संख्या ही दस हजार से ज्यादा हैं। जिले की करीब 20 लाख आबादी की जरूरतें जहां से पूरी होती हैं। यहां हर रोज सैंकड़ों की संख्या में बड़े ट्रकों में भरकर खाद्य पदार्थ आते हैं। तंगी गलियां होने की वजह से ट्रकों को यहां रात में ही प्रवेश मिल पाता है। नोटबंदी के बाद कारोबार 80 फीसदी तक ठंडा पड़ गया है। लोगों के पास नए नोट अभी आए नहीं है, पुराने नोट लेकर आते हैं, वो मार्केट में नहीं चल रही हैं। दूसरी दिक्कत खुले पैसों की आ रही है।

Digital Desk: Kamal

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