नोटबंदी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के नाम पर भले ही केन्द्र सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का दावा कर रही हो, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की अर्थव्यवस्था लगातार पिछड़ती जा रही है. समावेशी विकास में विश्व आर्थिक मंच ने जहां भारत को पाकिस्तान से भी नीचे 60वें स्थान पर रखा है, वहीं वैश्विक सलाहकार संस्था ने कहा है कि तीन साल पहले भारत में निवेश को लेकर जितना उत्साह था उसमें अब कमी आई है..
Digital Desk: Kamal
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